वन रक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी, विभाग ने वापस लिया विज्ञापन
भोपाल|मध्य प्रदेश में वन रक्षकों की भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है. भर्ती विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं होने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग को विज्ञापन वापस लेना पड़ा है|
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार कर्मचारी चयन मंडल Madhya Pradesh Employees Selection Board (ईएसबी) द्वारा जारी वन रक्षक भर्ती के विज्ञापन में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया था. वन रक्षक के कुल 728 पदों के लिए जारी इस विज्ञापन में अनारक्षित वर्ग के लिए 185, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 84, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 117 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 48 पद आरक्षित बताए गए थे|
आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे. वहीं माना जा रहा था कि यदि इस गड़बड़ी को ठीक नहीं किया जाता तो भर्ती परीक्षा भी अटक सकती थी|
विज्ञापन वापस ले लिया गया
इस मामले में वन विभाग ने आरक्षण प्रक्रिया में त्रुटि होने की बात स्वीकार की है. विभाग के अनुसार वन रक्षक की सीधी भर्ती के लिए विज्ञापित पदों की गणना में गलती पाई गई है, जिसके चलते कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी विज्ञापन को वापस ले लिया गया है|
वन विभाग का क्या कहना है?
- वन विभाग का कहना है कि पदों की पुनर्गणना कर जल्द ही संशोधित विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि आरक्षण नियमों के अनुसार सभी वर्गों को उनका अधिकार मिल सके|
- वहीं वन रक्षक भर्ती के लिए 28 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और परीक्षा 7 अप्रैल को प्रस्तावित है|
- ऐसे में अब संशोधित विज्ञापन जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया के नए शेड्यूल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है|

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