वाराणसी/भदोही: पूर्वांचल में कुदरत का कहर, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से 36 लोगों की गई जान

भदोही/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बुधवार को आए भीषण तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। भदोही, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र जिलों में प्रकृति के इस रौद्र रूप के कारण कुल 36 लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। सबसे अधिक नुकसान भदोही में हुआ, जहाँ 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि मिर्जापुर में 15, चंदौली में दो और सोनभद्र में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।

80 किमी की रफ्तार से चली हवाएं, जनजीवन अस्त-व्यस्त

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी के साथ मूसलाधार बारिश और ओले गिरे। इस आपदा में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। चक्रवाती हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे सड़क यातायात, संचार सेवाएं और बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

हादसों की दर्दनाक दास्तां

  • भदोही: ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर एक विशाल नीम का पेड़ हाई-वोल्टेज ओवरहेड तार (25,000 वोल्ट) पर गिर गया, जिससे इस रूट की रेल सेवा घंटों प्रभावित रही। रामपुर घाट का पीपा पुल भी हवा के दबाव में बह गया।

  • मिर्जापुर: यहाँ संतनगर में एक महिला की गर्दन टिन शेड की चपेट में आने से कट गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कछवां इलाके में भी एक अन्य महिला के सिर में टिन शेड घुसने से उनकी जान चली गई।

  • सोनभद्र: पन्नूगंज क्षेत्र में पेड़ गिरने की चपेट में आने से एक युवक की मृत्यु हो गई।

सीएम योगी ने दिए तत्काल राहत के आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 24 घंटे के भीतर पीड़ितों को उचित मुआवजा और सहायता राशि प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर राहत कार्यों की निगरानी करने के आदेश दिए हैं।