ईरान हालात सुधरे, खाड़ी की 8 उड़ानें बहाल; कैबिनेट मंत्री का बयान
लखनऊ।अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से खाड़ी देशों में विमानों का संचालन सोमवार को भी बाधित रहा। दुबई व ईरान का एयरस्पेस बंद होने से लगातार तीसरे दिन खाड़ी देशों की ओर जाने वाली उड़ानें निरस्त रहीं। हालांकि, लखनऊ एयरपोर्ट की एयर ऑपरेशन रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को निरस्त उड़ानों की संख्या 17 से घटकर 11 ही रही। सऊदी अरब व ओमान की आठ उड़ानें सोमवार को संचालित हुईं।चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दुबई से सोमवार को आने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान आइएक्स-198 निरस्त रही। ऐसे ही दुबई जाने वाली आईएक्स 193, अबुधाबी से आने वाली इंडिगो की 6ई-1416, अबुधाबी जाने वाली इंडिगो की 6ई-1415, शारजाह से आने वाली इंडिगो की 6ई-1424, शारजाह जाने वाली इंडिगो की 6ई-1423, दुबई से आने वाली एअर इंडिया एक्सप्रेस की आईएक्स-194, रियाद से आने वाली आईएक्स-190, रियाद जाने वाली आईएक्स 189, दम्माम से आने वाली इंडिगो की 6ई-098 व जाने वाली इंडिगो की 6ई-097 निरस्त रहीं।
आठ उड़ानें हुईं बहाल
सोमवार को खाड़ी देशों से लखनऊ आने-जाने वाली आठ उड़ानें बहाल हुईं। इसमें मस्कट से लखनऊ आने वाली ओवी 705, लखनऊ से मस्कट जाने वाली ओवी 706, मस्कट से लखनऊ आने वाली डब्ल्यूवाइ 265, लखनऊ से मस्कट जाने वाली डब्ल्यूवाइ 266, रियाद से लखनऊ आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक्सवाइ 333, लखनऊ से रियाद जाने वाली एक्सवाइ 334, जेद्दा से लखनऊ आने वाली एसवी 890, लखनऊ से जेद्दा जाने वाली एसवी 891 का संचालन हुआ।
ईरान-इस्राइल तनाव के बीच यूपी के कामगार सुरक्षित : अनिल राजभर
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि ईरान-इस्राइल तनाव के बीच यूपी के कामगार सुरक्षित हैं।मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस्राइल में करीब 6000 और गल्फ देशों में लगभग 2800 श्रमिकों को श्रम विभाग के माध्यम से रोजगार के लिए भेजा गया है। सभी कामगार सुरक्षित स्थानों पर हैं जहां वे कार्यरत हैं, वहां युद्ध जैसी कोई स्थिति नहीं है।मंत्री ने कहा कि भारतीय दूतावास की ओर से श्रमिकों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि गल्फ देशों में रह रहे कामगारों से बातचीत की गई है और सभी ने खुद को खतरे से बाहर बताया है। लड़ाई का क्षेत्र उनके कार्यस्थलों से काफी दूर है।शिया समुदाय के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर अनिल राजभर ने कहा कि अपनी भावनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करना चाहिए। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर उन्होंने कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत सरकार की कूटनीति काम करती है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

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