IFSC Code: आपकी बैंक शाखा की पहचान का रहस्य!
नई दिल्ली। बैंक से जुड़े किसी भी काम के लिए आईएफएससी कोड अनिवार्य होता है। इसे Indian Financial System Code भी कहा जाता है। ये 11 डिजिट का एक अनोखा नंबर है, जो हर खाताधारक को अलग-अलग बांटा जाता है।
आईएफएससी कोड के जरिए आप बैंक से जुड़ी कई डिटेल्स जान सकते हैं।
IFSC Code से क्या-क्या मिलती है जानकारी?
आईएफएससी कोड 11 अंको का यूनिक नंबर होता है, जो बैंक की अलग-अलग डिटेल्स को दर्शाता है-
ये 11 अंकों का नंबर बैंक की आइडेंटिटी, शून्य और 6 अंकों का ब्रांच कोड से बनाया जाता है।
- पहले के 4 कोड बैंक की पहचान करने में मदद करते हैं।
- जैसे अगर एसबीआई है, तो SBIN और केनरा बैंक है तो CNRB से दर्शाया जाएगा।
- इसके बाद एक भविष्य में इस्तेमाल के लिए एक शून्य रखा जाएगा।
- इसके बाद बाकी के 6 नंबर बैंक ब्रांच को दिखाएंगे।
उदाहरण -
- केनरा बैंक- CNRB0000791
- HDFC- HDFC0000003
- ICICI- ICIC0000047
क्यों है IFSC Code की जरूरत?
IFSC Code के जरिए पेपरलेस पेमेंट सफल हो पाया है। आज हम IFSC Code के जरिए RTGS, IMPS और NEFT के जरिए ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। इन सभी सुविधा के जरिए आज ग्राहक अलग-अलग बैंक में सेम डेट पर पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।
IFSC Code आने के बाद हमें अब पैसे ट्रांसफर करने के लिए चेक या कैश की जरूरत नहीं है। आज आईएफएससी कोड के जरिए आप कई जरूरी पेमेंट जैसे बिजली बिल, लोन ईएमआई और कई जरूरी भुगतान कर सकते हैं।
इसके के साथ ही ये दुरुपयोग होने से बचाव करता है। आईएफएससी कोड के जरिए आप अपनी ट्रांजेक्शन का आसानी से पता लगा सकते हैं। इसके अलावा पैसे ट्रांसफर होते समय ये कोई भी गलती से बचाता है। आईएफएससी कोड के जरिए आसानी से पता लगाया जा सकता है कि अनुरोध की गई राशि को कहां भेजना है। इसके जरिए बैंक की पहचान करना आसान हो जाता है।

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