कृषक अरुण ने की धान के बदले मक्का एवं तिलहन की खेती
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि क्षेत्र के सतत विकास हेतु विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के कृषकों को ग्रीष्मकालीन सीजन में परंपरागत धान की खेती के बदले जैसे मक्का, दलहन एवं तिलहन की खेती हेतु प्रेरित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, आवश्यक आदान सामग्री एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम चेचनडांड निवासी कृषक अरुण कुमार भगत ने भी शासन की इस पहल को अपनाते हुए ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का की खेती कर रहे हैं। उन्होंने मक्का किस्म कॉर्न-9544 को एक हेक्टेयर खेत में मक्का लगाया है, जिसके लिए उन्हें कृषि विभाग से बीज एवं अन्य आवश्यक आदान सामग्री प्राप्त हुई।
कृषक अरुण भगत ने बताया कि मक्का की इस किस्म से प्रति हेक्टेयर लगभग 35 हजार रुपये तक शुद्ध लाभ प्राप्त होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि परंपरागत धान की अपेक्षा मक्का की खेती में कम पानी की आवश्यकता होती है तथा उत्पादन लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है। शासन की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन एवं सहयोग से वे पहली बार फसल परिवर्तन करते हुए मक्के की खेती कर रहे हैं। कृषक अरुण भगत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फसल विविधिकरण किसानों के लिए लाभदायक है।
उल्लेखनीय है कि फसल विविधीकरण की यह रणनीति कृषि क्षेत्र में स्थायित्व, जल संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।

कैलाश खेर ने महाकाल मंदिर में की पूजा-अर्चना, भस्म आरती में हुए शामिल
बस संचालकों की बढ़ी मुश्किलें: मऊगंज बस स्टैंड पर बाजार बैठकी के नाम पर खुली लूट, ठेका शर्तों का उल्लंघन कर वसूला जा रहा टैक्स
शिवकुमार सरकार की सियासी परीक्षा, रामलिंगा रेड्डी नाराज और सकते हैं इस्तीफा
20 हजार करोड़ का ड्रोन सौदा: भारत की हवाई निगरानी और क्षमताएँ बढ़ेंगी
UN की चिंता बढ़ी, ईरान के ठिकानों तक नहीं पहुंच पा रही निगरानी टीम