ग्राफ्टेड टमाटर और मिर्च की खेती से बदली तोपचंद भंडारी की किस्मत
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में उद्यानिकी विभाग की योजनाएं और तकनीकी सहायता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बेहराखार निवासी किसान तोपचंद भंडारी की सफलता इसका प्रमाण है।
तोपचंद भंडारी पूर्व में परंपरागत तरीके से सब्जी की खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित पैदावार और कम आमदनी हो पाती थी। लेकिन जब उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर ग्राफ्टेड टमाटर और मिर्च की खेती की तकनीकी जानकारी ली, तो उनकी किस्मत ही बदल गई। उद्यान विभाग से मिली तकनीकी सहायता के माध्यम से तोपचंद भंडारी ने अपने खेत में मल्चिंग सीट के साथ ग्राफ्टेड टमाटर और मिर्च की खेती शुरू की। उन्होंने 1.2 हेक्टेयर में टमाटर और 0.300 हेक्टेयर में ग्राफ्टेड मिर्च का रोपण किया। इससे उन्हें कुल 225 क्विंटल टमाटर की उपज प्राप्त हुई, जिससे 6 लाख 75 हजार रुपए की आमदनी हुई। लागत निकालने के बाद उन्हें करीब 5 लाख 60 हजार रुपए का शुद्ध लाभ हुआ।
तोपचंद भंडारी ने न केवल खुद की खेती में तकनीकी नवाचार अपनाया, बल्कि अपने अनुभवों को आस-पास के किसानों के साथ भी साझा किया। वे अब लगातार अन्य किसानों को भी उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जुड़कर उन्नत खेती करने और आमदनी बढ़ाने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि यदि किसान सही मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता के साथ खेती करें, तो आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। वर्तमान में वे दोबारा ग्राफ्टेड टमाटर की खेती कर रहे हैं और भविष्य में इससे भी बेहतर परिणाम की उम्मीद रखते हैं।

Durg: सोशल मीडिया पर पिस्टल लहराते अपलोड किया वीडियो, पहुंच गए जेल, पुलिस ने लिया एक्शन
Kondagaon: कोकोड़ी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में 12 घंटे से प्रदर्शन जारी, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
CG News: जॉर्ज कुरियन ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप, CM साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने भी कसा तंज
CG News: नक्सलियों से 1100 हथियार बरामद, 532 हुए ढेर, नक्सलवाद को लेकर विजय शर्मा ने गिनाए चौंकाने वाले आंकड़े
Chhattisgarh के आदिवासियों की अनोखी परंपरा, जहां ‘मठ बांधना’ और ‘कड़साल’ के साथ आत्मा को दी जाती है विदाई