'देश को ऊर्जा संकट से बचाया', PM मोदी ने युद्धकाल की चुनौतियों और सरकार की उपलब्धियों का किया जिक्र
बालोतरा । राजस्थान के विकास के इतिहास में आज का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मरुधरा प्रवास के दौरान जोधपुर को एक अत्याधुनिक नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात दी, और साथ ही बाड़मेर के पचपदरा में करीब 79,459 करोड़ रुपये की विशाल लागत से तैयार देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित की। यह रिफाइनरी न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाएगी, बल्कि इसके सह-उत्पादों पर आधारित पेट्रोकेमिकल जोन और डाउनस्ट्रीम प्लास्टिक उद्योगों का जाल बिछाकर मारवाड़ में औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात करेगी। लगभग 480 करोड़ रुपये की 'उड़ान' योजना से बना नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बेजोड़ संगम के रूप में वैश्विक पर्यटकों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गीजा के पिरामिड से छह गुना अधिक खुदाई और त्वरित संकल्प
पचपदरा रिफाइनरी का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग का एक अद्भुत चमत्कार है, जिसके लिए करीब 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई। यह विशाल खुदाई मिस्र के ऐतिहासिक गीजा पिरामिड के निर्माण से लगभग छह गुना बड़ी है और इसमें तकरीबन 15 हजार ओलंपिक स्विमिंग पूलों को समाहित किया जा सकता है। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान का स्वाभिमान देश की प्रेरणा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार केवल शिलान्यास की राजनीति नहीं करती, बल्कि परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने का माद्दा रखती है। दो महीने पहले आई प्राकृतिक बाधा और दुर्घटना के बावजूद इस मेगा प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड समय में पूरा करना नए भारत के अटूट संकल्पों की रफ्तार को दर्शाता है।
हवाई सेवाओं का विस्तार, युवाओं को रोजगार और जल संकट का समाधान
प्रधानमंत्री ने जोधपुर के नए और सोशल मीडिया पर छाए भव्य टर्मिनल की सराहना करते हुए कहा कि यहां से नई क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजनाओं को हरी झंडी दिखाई जा रही है, जिससे प्रदेश के दूर-दराज के छोटे शहर भी सीधे हवाई मार्ग से जुड़ सकेंगे। सरकार के विकास मॉडल को चौतरफा बताते हुए उन्होंने जानकारी दी कि मरुधरा के शेखावाटी अंचल में बरसों से चले आ रहे गंभीर पेयजल संकट को दूर करने के लिए भी एक व्यापक और स्थाई कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इसके साथ ही, युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 54 हजार से अधिक नौजवानों को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं, जो प्रदेश की तरक्की की गति को और तेज करेंगे।
वैश्विक ऊर्जा युद्ध के बीच सफल कूटनीति और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
पश्चिम एशिया और यूक्रेन में जारी वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के इस सबसे बड़े ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने अपने समयबद्ध फैसलों और सटीक रणनीतियों से घरेलू बाजार को प्रभावित नहीं होने दिया। देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी खाड़ी देशों से आयात करता है, लेकिन आपूर्ति बाधित होने के खतरे को भांपते हुए महज सात दिनों के भीतर स्वदेशी एलपीजी उत्पादन में 54 हजार मीट्रिक टन की रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई और 11 लाख नए पीएनजी कनेक्शन बांटे गए। इस कुशल आर्थिक प्रबंधन के कारण जहां दुनिया भर में ईंधन की राशनिंग हो रही थी, वहीं भारत में 2,000 रुपये तक पहुंचने वाले रसोई गैस सिलेंडर को करीब 950 रुपये पर स्थिर रखा गया। इसी तरह, 3,000 रुपये से महंगी हुई विदेशी यूरिया खाद को सरकारी खजाने से भारी सब्सिडी देकर भारतीय किसानों को सिर्फ 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया, जो भारत की मजबूत अंतरराष्ट्रीय साख और कूटनीतिक दोस्ती का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

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