नवी मुंबई। भारतीय वायुसेना (IAF) ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचते हुए अपने सबसे अत्याधुनिक और शक्तिशाली सुखोई-30MKI (Su-30MKI) लड़ाकू विमान को पहली बार नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर उतारा। जैसे ही इस लड़ाकू विमान ने रनवे को छुआ, पूरा आसमान इसकी गरजती हुई गूंज से भर उठा। इस सफल लैंडिंग ने न केवल भारतीय वायुसेना की बेहतरीन परिचालन क्षमता (Operational Capability) को साबित किया है, बल्कि देश की लगातार बढ़ती एयरोस्पेस ताकत का एक शानदार प्रदर्शन भी किया है। दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (C-PRO) ने इस पर गर्व जताते हुए कहा कि यह भारतीय वायुसेना और पूरे देश के नागरिक उड्डयन (विमानन) क्षेत्र के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। यह पहला मौका है जब किसी लड़ाकू विमान ने इस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर कदम रखा है।

कब हुआ था नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन?

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उल्वे में स्थित इस बेहद आधुनिक 'नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2025 को किया था। उद्घाटन के बाद 25 दिसंबर 2025 से इस हवाई अड्डे से आम जनता के लिए कमर्शियल (वाणिज्यिक) उड़ानों का संचालन पूरी तरह शुरू कर दिया गया। यह हवाई अड्डा मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का दूसरा सबसे बड़ा और मुख्य एयरपोर्ट है, जो मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र के हवाई यातायात के बढ़ते बोझ को संभाल रहा है।

क्यों बेहद खास है सुखोई-30MKI की यह लैंडिंग?

गुरुवार को हुई सुखोई-30MKI की यह लैंडिंग इस हवाई अड्डे के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है। दरअसल, इससे पहले अक्टूबर 2024 में जब इस एयरपोर्ट का प्री-इनॉगरेशन ट्रायल (उद्घाटन से पहले का परीक्षण) चल रहा था, तब भारतीय वायुसेना के 'C-295' मध्यम सामरिक परिवहन विमान (ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट) ने यहां पहली बार लैंडिंग की थी। उस समय सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान केवल रनवे के ठीक ऊपर से बहुत नीची उड़ान (लो-फ्लाईपास्ट) भरकर निकल गया था, लेकिन इस बार उसने सीधे रनवे पर पहिए टिकाकर और पूरी तरह उतरकर एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।