बासमती चावल कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स लाएगी 440 करोड़ का आईपीओ
नई दिल्ली। ‘एरोप्लेन’ ब्रांड के नाम से बासमती चावल बेचने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने 440 करोड़ रुपये का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की घोषणा की है। यह आईपीओ 24 मार्च को खुलेगा और निवेशक 27 मार्च तक इसमें बोली लगा सकेंगे।
कंपनी के मुताबिक, एंकर निवेशकों के लिए 23 मार्च को एक दिन पहले निवेश का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इस आईपीओ की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई भी मौजूदा निवेशक या प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है। पूरा इश्यू केवल फ्रेश शेयरों के जरिए जारी किया जाएगा, जिससे यह संकेत मिलता है कि प्रमोटर्स को कंपनी की भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा है।
आईपीओ प्रक्रिया के तहत निवेशकों को शेयरों का आवंटन 30 मार्च तक किया जा सकता है, जबकि कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 2 अप्रैल को होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, कंपनी ने पहले 550 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे घटाकर 440 करोड़ रुपये कर दिया गया। वर्तमान में कंपनी की 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी प्रमोटर्स के पास है। इसके प्रमुख प्रमोटर्स जगदीश कुमार सूरी, राहुल सूरी और रमणिका सूरी हैं।
कंपनी ने बताया कि आईपीओ से जुटाई गई राशि में से लगभग 400 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किए जाएंगे। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इससे पहले कंपनी प्री-आईपीओ राउंड में करीब 13 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। यह निवेश 172 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर किया गया था, जिसके आधार पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग 1,877 करोड़ रुपये आंका गया है।
हरियाणा स्थित यह कंपनी मुख्य रूप से बासमती चावल की प्रोसेसिंग और निर्यात का कारोबार करती है। इसकी स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी और यह अपने उत्पाद ‘एरोप्लेन’ ब्रांड के तहत बेचती है। कंपनी की कुल आय का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा इसी कारोबार से आता है। हाल के वर्षों में कंपनी ने एफएमसीजी क्षेत्र में भी विस्तार करते हुए आटा, मैदा, सूजी, बेसन, नमक और चीनी जैसे किचन उत्पादों की बिक्री शुरू की है। कंपनी के पास भारत में लगभग 70 ट्रेडमार्क पंजीकृत हैं, जबकि यूरोप, एशिया और अफ्रीका के 26 देशों में भी इसके करीब 30 ट्रेडमार्क दर्ज हैं।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष में कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 60.8 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 30.4 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 29.2 प्रतिशत बढ़कर 2,001.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं सितंबर 2025 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 1,021.2 करोड़ रुपये के राजस्व पर 48.6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है।

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