व्यवस्था पर सवाल: भोपाल में शव को ले जाने के लिए नहीं मिली सड़क, खेतों और कीचड़ से गुज़री अंतिम यात्रा
भोपालः अक्सर कहा जाता है कि इंसान को जीते-जी सम्मान न मिले। लेकिन जब मौत होती है तो अंतिम यात्रा में उसे पूरा आदर जरूर दिया जाता है। हालांकि प्रदेश की राजधानी और 4 महानगरों में से भोपाल शहर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसे देखकर ऊपर लिखी लाइनों को सोचने पर मजबूर कर देता है। साथ ही विकास के दावों की पोल खोल कर रख देता है। दरअसल, मामला भोपाल के मिसरोद के पास कोहड़ी का है। यहां पर शुक्रवार को एक शवयात्रा दलदल और कीचड़ के बीच से निकाली गई। यह इलाका होशंगाबाद रोड स्थित मिसरोद के पीछे है। शवयात्रा में शामिल हुए एक ग्रामीण ने इस शवयात्रा का वीडियो बना लिया।
कठिन रास्तों से निकलने को मजबूर
मृतक के रिश्तेदार रामस्वरूप के अनुसार कोहड़ी निवासी लक्ष्मण सिंह के बड़े भाई कनीराम का निधन हो गया था। गांव से उनकी अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी। चूंकि श्मशान तक जाने वाला रास्ता काफी खराब है। इसलिए धान के खेत और पगड़ंडी से होकर श्मशान तक जाना पड़ा। इस दौरान लोगों को भी परेशानी हुई। रास्ता इतना कठिन था कि कई बार शव गिरने की आशंका बनी रही।
मुक्तिधाम के हाल और बदतर
बताया जाता है कि श्मशान तक जाने का मुख्य रास्ता दूसरा है। हालांकि, मुख्य रास्ता भी बारिश के कारण खराब है। बताया जाता है कि लोग किसी तरह श्मशान घाट तक पहुंचे। यहां पर पहुंचने के बाद भी स्थिति बदहाल मिली। चबूतरा कच्चा होने के कारण दाह संस्कार में और परेशानी हुई। यह विधायक रामेश्वर शर्मा का हुजूर विधानसभा क्षेत्र है। कई लोगों ने यह वीडियो विधायक को भी भेजा है। ताकि जिम्मेदार इस पर ध्यान दें।

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