इन राज्यों में भूलकर भी न करें होम लोन रीफाइनेंस
क्या आप भी होम लोन को रीफाइनेंस कराने का सोच रहे हैं। यदि हां तो जरा संभल जाइए। जी हां यहां हम आपको कुछ ऐसे राज्यों के बारे में बता रहे हैं जहां होम रीफाइनेंस कराना महंगा पड़ सकता है। ऐसा क्यों हो सकता है चलिए विस्तार से बताते हैं।
दरअसल कुछ राज्यों जिनमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक शामिल हैं। यहां होम लोन को रीफाइनेंस कराने के लिए मौजूदा लोन एग्रीमेन्ट को फिर से स्टाम्प और रजिस्टर कराना पड़ता है।
यही वजह है कि इन राज्यों में लोन एग्रीमेन्ट पर स्टाम्प ड्यूटी काफी महंगी हो सकती है। यह कई वजह के आधार पर 3 से 7 फीसदी तक होती है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन चार्ज 50,000 रुपये से 1 फीसदी तक हो सकता है।
इतना ही नहीं कुछ राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश में यह 8 फीसदी तक हो सकता है। ऐसे में होम लोन को रीफाइनेंस कराने के अतिरिक्त लागत का बोझ बहुत अधिक बढ़ जाता है।
रिफाइनेंस होम लोन क्या है
रिफाइनेंस के जरिए उधार लेने वाले को अपने डिपॉजिट पर बेहतर ब्याज दर मिल सकता है। होम लोन रिफाइनेंस का मतलब है, अपने मौजूदा होम लोन को किसी नए होम लोन से बदलना, आमतौर पर कम ब्याज दर या बेहतर शर्तों के साथ। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आप अपने पुराने होम लोन को बंद करके, एक नया लोन लेते हैं। यह नए तरह का टर्म आप अपने हिसाब से ले सकते हैं।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?